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Best CTET Hindi notes 2020 for prepration

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CTET Hindi notes 2020 :-  इस संस्करण मे ( CTET Hindi notes 2020 ) शिक्षक पात्रता परीक्षा को ध्यान मे रखते हुए हिन्दी विषय से जुड़े सारे पाठ्यक्रम को सुनियोजित एवं क्रमबद्ध तरीके से संकलित किया गया है । CTET Hindi notes 2020 ( Why is it important ) :-  परीक्षा की दृष्टि से किसी भी विषय की तैयारी के लिए आवश्यक है एक उचित माध्यम, जहाँ विषय सम्बन्धित सभी तथ्य व महत्वपूर्ण बिन्दु मिल सके एवं उनकी तैयारी सरल व सहज तरीक़े से हो सके B. B. Education ( CTET Hindi notse 2020  के माध्यम से) आपकी इन्हीं आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए वचनबद्ध है। CTET Hindi notes 2020 ( What is in it ) :- B.B. Education द्वारा तैयार किये गये सारे CTET Hindi notes 2020  व्यक्तिगत अनुभव, छात्र, शिक्षक, पाठ्यक्रम, एवं महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान मे रखकर बनाया गया है ।इसमें Hindi Pedagogy, Hindi language, and NCERT Class notes को आसान एवं सरल तरीक़े से बताया एवं समझाया गया है। CTET Hindi notes 2020 ( Specialty ) :- Previous year exam के प्रशनों को अलग - अलग कर उसे अध्यायवार सम्मलित किया गया है ।             जैसे :-

नई शिक्षा नीति 2020- भारत की शिक्षा का आधुनिकीकरण व विस्तार

नई शिक्षा नीति 2020- भारत की शिक्षा का आधुनिकीकरण व विस्तार


नई शिक्षा नीति 2020 :-

       34 सालों बाद देश की नई शिक्षा नीति बड़े बदलाव के साथ दिनाङक् 29 जुलाई 2020 को मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा देश के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
       कहते हैं -" यदि किसी देश को बदलना है तो उस देश की शिक्षा नीति बदल दो।" अर्थात किसी देश की दशा व दिशा उस देश की शिक्षा पर ही आधारित होती है।

नई शिक्षा नीति की आवश्यकता :-

       समय के साथ-साथ वक्त की आवश्यकताओं के अनुरुप प्रत्येक देश की शिक्षा नीतियों में बदलाव की आवश्यकता होती है। यही बदलाव आने वाले समय में देश और समाज के विकास और भविष्य का निर्धारण करते हैं।
       भारत देश मे यह बदलाव 34 वर्षो बाद किया गया है जिसके लिए अभी सिर्फ यही कहा जा सकता है कि - "देर आये दुरुस्त आये"

नई शिक्षा नीति की रुपरेखा :-

      नई शिक्षा नीति मौजुदा भाजपा सरकार के 2014 चुनाव के घोषणापत्र का एक प्रमुख हिस्सा था। इसी घोषणा को आगे बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर 2015 को पूर्व कैबिनेट सचिव टी.एस.आर. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में एक 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया।
      इस कमेटी ने 27 मई 2016 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी। इसके बाद 24 जून 2017 को इसरो वैज्ञानिक के. कस्तुरीरंगन की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी को इस शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया।
     इस कमेटी ने 31 मई 2019 को ये पूरा ड्राफ्ट तैयार कर HRD MINISTER रमेश पोखराल निशंक को सौंपा। इसके बाद इस ड्राफ्ट पर HRD MINISTRY  द्वारा लोगों से सुझाव मांगे गये जिसमें लगभग २ लाख सुझाव सरकार को प्राप्त हुए।

👉 HRD MINISTRY [ मानव संसाधन मंत्रालय ] का नाम परिवर्तित कर शिक्षा मंत्रालय किया गया।
👉 GDP का 6% शिक्षा पर खर्च किया जायेगा।
       

क्या है नई शिक्षा नीति में :-

       मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट का विश्लेषण करने से प्राप्त जानकारी को बिन्दुवार व आसान लफ्जो मे समझते  हैं।

नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिन्दु :-

 • 10+2 आधारित शिक्षा का समापन
 • 5+3+3+4 आधारित शिक्षा का क्रियान्वयन
 • मातृभाषा को प्रमुखता
 • Stream Systems खत्म
 • Computer coding की शिक्षा
 • Internship लागु
 • Semester based exam
 • 360° अवलोकन व मूल्यांकन
 • CAT की व्यवस्था
 • Multi Entry , Multi Exit 
 • M. Phil की समाप्ति
 • RTE 6 से 18 वर्ष के छात्रों पर लागु
 • शिक्षा का आधुनिकीकरण
 • पूरे देश के शिक्षण संस्थानों में समान पाठ्यक्रम
 • फीश का निर्धारण
 • उच्च शिक्षा में बदलाव
   आदि.....
   इन सभी प्रमुख बिंदुओं को आगे हम विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे।

नई शिक्षा नीति का संक्षिप्त विश्लेषण :-

👉10 + 2 की जगह 5+3+3+4 की व्यवस्था :-

     नई शिक्षा नीति के अनुसार अब बच्चों की शिक्षा का अवलोकन बेसिक स्तर से ही शुरू हो जायेगा। जिसके लिए बच्चो के शैक्षिक गतिविधियों को निम्न तरह से विभाजित किया गया है :-
[ 5 ] - Fundamental 
         • (3 years) (4 years) (5years)
                  Nur.       LKG.       UKG
         {Aganvadi, Preschool, balvatika}
         • प्ले-स्कूल के शुरुआती साल भी स्कूली शिक्षा में जुड़ेंगे।
         • (6 years)   (7yrars)
            Class - 1.   Class - 2
                    
+[ 3 ] - Preparatory 
          • (8 years)   (9years)    (10 years)
             Class - 3.   Class - 4.    Class - 5
                    
+[ 3 ] - Middle 
        • (11 years)   (12 uears).  (13 years)
               6th.              7th.              8th

+[ 4 ] - Secondary 
        • (14 years)  (15years)  (16 years) 
               9th.            10th.       11 class
                       
           (17 years)
                       12 class


 नई शिक्षा नीति छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तथा उनकी रुचि शिक्षा में बनी रहे इसके लिए हर संभव कोशिश की गई है।
•  प्रारम्भिक शिक्षा ( fundamental stage )  [Nur. , LKG. , UKG. , 1st , 2nd ] खेलकूद व अन्य क्रियाकलापों द्वारा करायी जायेगी। जिससे किताबों का बोझ कम होगा।
•  इसके लिए NCERT द्वारा अलग से पाठ्यक्रम बनाये जायेंगे।

👉 Preparatory stage [ 3rd , 4th , 5th ] में बच्चों को विज्ञान, गणित, कला, सामाजिक विज्ञान और मानविकीय बिषयो से परिचित कराया जायेगा वा उनके लिखने, पढ़ने पर जोर दिया जायेगा। 
• National mission की शुरुआत होगी।
👉मातृभाषा की प्रमुखता :- कक्षा 5 तक की शिक्षा में  अंग्रेजी की अनिवार्यता को समाप्त कर ( अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में ) उसे एक बिषय के रूप में पढ़ाया जायेगा। ( जैसे हिन्दी माध्यम के विद्यालयों में होता है )
👉 Middle stage [6 , 7, 8 ] में बच्चों को तय पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करायी जायेगी।
• कक्षा 6 से ही छात्रों को computer coding की शिक्षा उपलब्ध करायी जायेगी । जिससे वे app, software आदि बनाने की तकनीक सीख सकें।
• इसी stage से ही बच्चों को Internship करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी अर्थात छात्र यदि किसी बिषय में अधिक रुचि रखता है तो वो अपनी इच्छानुसार किसी संस्था, या विशेषज्ञ के पास जाकर शिक्षा प्राप्त कर सकता है।
• रटने की प्रणाली को खत्म कर प्रायोगिक शिक्षा पर जोर दिया जायेगा।
👉 Secondary stage [9 , 10 , 11 , 12 ] में  Stream system समाप्त किया जायेगा जिससे छात्रों को अपने रुचि के अनुसार बिषय चुनने की स्वतंत्रता होगी। अर्थात यदि कला संकाय का छात्र साथ मे विज्ञान पढ़ना चाहता है तो अब वह ऐसा कर सकेगा इसके लिए बिषयो के बीच एक पुल बनाया जायेगा।
• परीक्षाओं को semester आधारित कराया जायेगा।
• Report card को 360° के अवलोकन व मूल्यांकन के आधार पर बनाया जायेगा अर्थात अब छात्रों के व्यवहार, क्षमता और क्रियाशीलता को भी ध्यान में रखकर Report card तैयार की जायेगी।
• नई शिक्षा नीति के अनुसार अब छात्र का आकलन शिक्षक के साथ-साथ , छात्र के सहपाठी व वह स्वयं भी अपना आकलन करेगा।
• इस स्तर पर शिक्षा का प्रमुख प्रयोजन बालकों की विश्लेषण क्षमता में वृद्धि व बड़े लक्ष्य का निर्धारण करने के लिए उन्हें प्रेरित करना होगा।
• छात्र को परीक्षा में अपनी भाषा में उत्तर देने की स्वायत्तता होगी।

नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में हुए बदलाव :- 

CAT [ Common Admission Test ] की व्यवस्था लागू की जाएगी। अर्थात यदि कोई छात्र किसी कारणवश 12th की परीक्षा में इतने अंक नहीं प्राप्त कर सका जो उसके पसंद के काॅलेज का Cut off है तो वह CAT की परीक्षा दे सकेगा और उसमें प्राप्त अंक को उसके 12th की परीक्षा में प्राप्त अंक के साथ जोड़कर उसको प्रवेश दिया जाएगा।
• CAT के लिए  National assessment center बनाये जायेंगे।

• Multi entry Multi Exit  :-

👉छात्र जब चाहे और जितना चाहे पढ़ाई कर सकता है और जो भी पढ़ेगा जितना भी पढ़ेगा वो बेकार नहीं जायेगा।
इसे इस तरह समझे - माना किसी छात्र ने B.Sc. में admission  लिया और एक साल बाद उसे लगता है कि उसे B.Sc. नहीं BA. करना चाहिए तो वह ऐसा करने में सक्षम होगा । और उसने जो एक वर्ष का B.sc. किया वह उसके creadi score के रुप में संरक्षित होगा जो उसके द्वारा कोई भी final degree पूरा करने पर उसका Report card उसके credit score के साथ जोड़कर दिया  जायेगा।
     इसके लिए एक Accedmic bank of creadit बनाया जायेगा ।
• देश के सभी collage, University, व अन्य सभी शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम समान व एक होंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, डीम्ड विश्वविद्यालय और प्राइवेट विश्वविद्यालय के लिए एक ही नियम होगा।
• छात्र एक साथ कई बिषयो की शिक्षा ग्रहण कर सकता है।
• उच्च शिक्षा में UGC , AICTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर NHEI की स्थापना की जाएगी । जिससे पूरे देश के विश्वविद्यालयों को एक ही सुत्र में बांधकर शिक्षा में एकरुपता लायी जायेगी।
fee cap तैयार किया जायेगा जिससे कोई भी संस्था मनमर्जी fee नहीं वसुल सकेगा।
National reserch foundation की स्थापना की जाएगी जो science के साथ-साथ Art के reserch में भी fund करेगा।

• उच्च शिक्षा के प्रावधान

  1. 1st year - certificate
  2. 2nd year - Diploma
  3. 3rd year - Degree
  4. 4th year - Reserch के साथ Degree

• One year का Post graduation
• Four year का PHD.
• M.Phil को समाप्त किया जायेगा
• उपरोक्त तथ्यों से ये समझना आसान है कि अब कभी शिक्षा में entry and exit लिया जा सकता है। और कोई loss भी नहीं होगा।
•कॉलेजों को स्वायत्ता (ग्रेडेड ओटोनॉमी) देकर विश्वविद्यालयों से संबद्धता की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के अन्य प्रमुख बिन्दु :-

• सामान्य कक्षा में छात्र : शिक्षक = 30 : 1
• सामाजिक व आर्थिक पिछड़ापन क्षेत्र में यह अनुपात 25 : 1 रखा जायेगा।

SEZ [ SPECIAL EDUCATION ZONE ] की व्यवस्था

• संस्कृत भाषा के स्तर को ऊपर उठाने की कवायद होगी
• शिक्षा का पूरी तरह आधुनिकीकरण व कम्प्यूटरीकृत 
• शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बालको के कौशल को निखारना

                                               🙏
                                          !!धन्यवाद!!

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