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Showing posts from July, 2020

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Best CTET Hindi notes 2020 for prepration

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CTET Hindi notes 2020 :-  इस संस्करण मे ( CTET Hindi notes 2020 ) शिक्षक पात्रता परीक्षा को ध्यान मे रखते हुए हिन्दी विषय से जुड़े सारे पाठ्यक्रम को सुनियोजित एवं क्रमबद्ध तरीके से संकलित किया गया है । CTET Hindi notes 2020 ( Why is it important ) :-  परीक्षा की दृष्टि से किसी भी विषय की तैयारी के लिए आवश्यक है एक उचित माध्यम, जहाँ विषय सम्बन्धित सभी तथ्य व महत्वपूर्ण बिन्दु मिल सके एवं उनकी तैयारी सरल व सहज तरीक़े से हो सके B. B. Education ( CTET Hindi notse 2020  के माध्यम से) आपकी इन्हीं आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए वचनबद्ध है। CTET Hindi notes 2020 ( What is in it ) :- B.B. Education द्वारा तैयार किये गये सारे CTET Hindi notes 2020  व्यक्तिगत अनुभव, छात्र, शिक्षक, पाठ्यक्रम, एवं महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान मे रखकर बनाया गया है ।इसमें Hindi Pedagogy, Hindi language, and NCERT Class notes को आसान एवं सरल तरीक़े से बताया एवं समझाया गया है। CTET Hindi notes 2020 ( Specialty ) :- Previous year exam के प्रशनों को अलग - अलग कर उसे अध्यायवार सम्मलित किया गया है ।             जैसे :-

मनोविज्ञान के सिद्धान्त - प्रतिपादक/जनक - Child devlopment

मनोविज्ञान के सिद्धान्त तथा उनके प्रतिपादक/जनक :-      मनोविज्ञान के सिद्धांत के अन्तर्गत इस पृष्ठ मे हम  बाल मनोविज्ञान से जुड़े प्रमुख सिद्धांत एवं उनके प्रतिपादक के बारे मे जानेंगे ।  मनोविज्ञान की परिभाषा :-      मनोविज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जिसमे समस्त प्राणी  जगत के मानसिक, समाजिक व व्यवहारिक पक्षो का क्रमबद्ध तरीके से अध्ययन किया जाता है। मनोविज्ञान का अध्ययन प्लेटो ने 427- 347 bc मे आरम्भ किया था जिसको पूर्ण करने का काम अरस्तु ने किया। गेस्टाल्टवाद             ★ कोहलर, कोफ्का                                           वर्दीमर व लेविन संरचनावाद              ★ विलियम वुंट व्यवहारवाद             ★ जे. बी. वाटसन मनोविश्लेशणवाद     ★ सिगमंड फ्रायड संबंधवाद                 ★ थार्नडाईक मानवतावादी            ★ मैस्लो विकास के सामाजिक प्रवर्तक ★ एरिक्सन ◆ थार्नडाइक सीखने के नियम शिक्षा-मनोविज्ञान के जनक प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत  प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत संयोजनवाद का सिद्धांत उद्दीपन-अनुक्रिया का सिद्धांत S-R थ्योरी के जन्मदाता अधिगम का बन्ध सिद्धांत संबंधवाद का सिद्धांत प्रशिक्ष

विकास की अवधारणा-(बाल विकास, विकास के सिद्धांत, अभिवृद्धि, आनुवंशिकी, पर्यावरण)

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विकास की अवधारणा :-       विकास का तात्पर्य मानव की अभिवृद्धि के साथ - साथ उसके शारीरिक , मानसिक , सामाजिक , संज्ञानात्मक , संवेगनात्मक व्यवहार मे परिवर्तन से होता है। स्कीनर के अनुसार :- " विकास नियमित और क्रमिक प्रक्रिया है।" विकास की परिभाषा :- ( मनोविज्ञान मे  मानव विकास की अवधारणा ) :-      शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों , गुणों तथा विशेषताओं की नियमित और क्रमिक उत्पत्ति को मनोवैज्ञानिक भाषा में 'विकास'   कहा जाता है। अरस्तू के अनुसार- "विकास आन्तरिक एवं बाह्य कारणों से व्यक्ति मे परिवर्तन है।" बाल विकास की परिभाषा :-      स्पष्ट है कि विकास परिवर्तनों की प्रक्रिया है और इसके फलस्वरूप ही व्यक्ति के भीतर नयी - नयी विशेषताओं और क्षमताओं का जन्म होता है। यही अवधारणा बाल विकास से भी सम्बन्धित है। हरलॉक के अनुसार - " बाल मनोविज्ञान का नाम बाल विकास इसलिए रखा गया क्योंकि विकास के अंतर्गत अब बालक के विकास के समस्त पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है , किसी एक पक्ष पर नहीं । "  क्रो और क्रो के अनुसार - “ बाल मनोविज्ञान  विज्ञान की वह शाखा है जिसम

उपसर्ग-प्रत्यय_तत्सम्-तद्भव_पर्यायवाची शब्द

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उपसर्ग :- 👉 वे लघुतम शब्दांश जो शब्द के प्रारम्भ में लगकर नये       शब्द का निर्माण करते हैं; 'उपसर्ग' कहलाते हैं।      हिन्दी में तीन प्रकार के उपसर्ग हैं-      • तत्सम उपसर्ग      • तद्भव उपसर्ग      • आगत उपसर्ग तत्सम उपसर्ग  👇 अति     अधिक , सीमा से परे            उदाहरण :- अतिवृद्धि , अत्युक्ति , अत्याचार अधि     अधिक , ऊपर , श्रेष्ठ            उदाहरण :-अधिकृत , अध्यवसाय , अधिकार अनु      पीछे , क्रम , समानता            उदाहरण :-अनुमान , अनुकूल , अनुप्रास अप्      बुरा , अभाव , विपरीत            उदाहरण :-अपराध , अपहरण , अपशब्द अपि     निकट            उदाहरण :-अपिधान , अपिसार , अपिमान अभि     सामने , अधिक , अच्छा            उदाहरण :-अभिमान , अभिलाषा , अभिमान अव      पतन , हीनता            उदाहरण :-अवनति , अवगुण , अवमानना आ       तक , सब तरफ से , ओर            उदाहरण :-आदर , आडम्बर , आचरण उत्,उद्   ऊपर , अधिक            उदाहरण :-उद्भव , उत्संग , उद्गम , उत्पात उप       समीप , सहायक , छोटा            उदाहरण :-उपयुक्त , उपहार , उपद्रव दुः ( दुर् , दुस् ) बुरा , द

समास- समास विग्रह- समास के भेद Based on CTET prepration

समास :-       दो या दो से अधिक शब्दो के मेल से बने नये शब्द ' समास ' कहलाते हैं।             समास विग्रह                 👇 जैसे :-   राजा का महल --[ समास ]-- राजमहल                                                      👆                                         समस्त पद या सामसिक पद समास के छ: भेद होते हैं; १- अव्ययीभाव समास २- तत्पुरुष समास [ ६ भेद ]      • कर्म तत्पुरुष समास           [को]      • करण तत्पुरुष समास         [से]      • सम्प्रदान तत्पुरुष समास     [के लिए]      • अपादान तत्पुरुष समास     [से]      • संबंध तत्पुरुष समास।        [का]      • अधिकरण तत्पुरुष समास।  [पर] ३- कर्मधारय समास ४- द्विगु समास ५- द्वंद समास ६- बहुब्रीही समास 👉 अव्ययीभाव समास :- पूर्वपद प्रधान व अव्यय                 जैसे :- यथाशक्ति- शक्ति के अनुसार                         इसमें पूर्व पद शक्ति प्रधान है।      पुनुरुक्त शब्दों में भी अव्ययीभाव समास होता है।       जैसे :- रातों-रात, धीरे-धीरे, हाथों-हाथ आदि 👉 तत्पुरुष समास :- उत्तरपद प्रधान व पूर्वपद विशेष्य      • कर्म तत्पुरुष समास